Friday, 5 November 2021

जन-जागरण में समाचार-पत्रों का योगदान

 


 



मनुष्य जिस समाज में रहता है, उस की पूरी जानकारी चाहता है। उस  उत्सुकता का परिणाम है-" समाचार-पत्र "।

केवल नगर में ही नही, बल्कि गाँव में भी समाचार-पत्रों की माँग बढ रही है।

वर्तमान युग में देश की क्षेत्रीय भाषओं में अनेक प्रकार के समाचार-पत्र प्रकाशित होने लगे है।

समाचार-पत्र पाठको की ज्ञान वृद्धि के साथ रोजमरा की जिन्दगी के कई विषयों की सूचना देता है।

समाचार-पत्रों के प्रभाव से मनुष्य के सोचने-विचारने और अनुभव करने की दिशा बदल जाती है।

देश के निर्माण में समाचार-पत्रों का योगदान अनुपम है।

समाचार-पत्र अपनी शक्ति एवं दायित्व समझकर अपने आदर्श पर चले तो निश्चय ही देश का भविष्य उनके होथों में सुरक्षित रह सकेगा।





No comments:

Post a Comment

P for Presence: The Quiet Power of Being Fully Here

This is part 16 of an A–Z guide to simple “slow living” concepts practised around the world—each one focuses on being more present, intentio...