Monday, 10 May 2021

काँटों में रह बनाते हैं

 



1. काँटों में रह बनाते हैं  नामक कविता श्रीरामधारी सिंह दिनकर की है।

2. साहसी लोगों के सामने मुसीबतें टूट जाती है।

3. वीर विपत्ति का सामना करते है।

4. वीर काँटों में भी राह बनाते है।

5. ताकत दिखाने से पत्थर भी पानी बन जाता है।

6. नामुमकिन काम भी मुमकिन हो जाता है।

7. मनुष्य में ताकत छिपी है।

8. जो ताकत को जगाता है, वह सफल होता है।

9. यह कविता मुसीबतों का सामना करने की प्रेरणा देता है।

10. राष्ट्रकवि की यह कविता सरल ओर सुबोध है। 




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