Friday, 7 October 2022

विशेषण - हिन्दी व्याकरण का एक मुख्य अंग

 



जो शब्द के विशेषता को प्रकट करते वे विशेषण कहलाते हैं। विशेषण चार प्रकार के हैं।

1. गुणवाचक विशेषण - जो विकारी शब्द के गुण, रूप, रंग, आकार  आदि के विशेषण प्रकट करते हैं, वे          गुणवाचक विशेषण।

    जैसे अच्छा, मीठा, सुन्दर, काला।

2. संख्यावाचक विशेषण - जो विकारी शब्द के संख्या को प्रकट करते  हैं, वे संख्यावाचक विशेषण। 

    जैसे दो आदमी, चार पेड।

3. परिमाणवाचक विशेषण - जो विकारी शब्द के वस्तु के नाप, माप   (या) परिमाण को प्रकट करते हैं, वे           परिमाणवाचक विशेषण। 

      जैसे  थोडा पानी, दो लीटर दूध।

4. सार्वनामिक विशेषण - जब सर्वनाम शब्द संज्ञा के पहले विशेषण   की तरह आते हैं, वे सार्वनामिक                विशेषण। 

      जैसे वह लडका राम है।  वह घर हमारा है। 

      सार्वनामिक विशेषण का दूसरा नाम निर्देशक सर्वनाम है।


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