Thursday, 6 January 2022

पंचवटी खंडकाव्य में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का चित्रण





पंचवटी खंडकाव्य में मैथिलीशरण जी ने श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में चित्रित किया है।

राज्याभिषेक और वनवास की आज्ञा को वे समान रूप से स्वीकार करते है। प्रातः काल होने पर पर्णकुटी के द्वारा पर श्रीराम  एक दिव्य श्याम शोभा की तरह  प्रकट होते है।

इसी छवि से और उनके मृदु भाषण पर मुग्ध होकर  शूर्पणखा राम पर अनुरक्त होती है।

उस समय राम बडी चतुराई के साथ परिस्थिति को संभालते है।

पंचवटी के राम के अनुसार सुख दुःख सब समयाधीन है।

सुख आने पर हर्षित न हो और दुःख में दीन भी न बने। संकट आने पर उसका डटकर सामना करना चाहिए।

इस तरह श्रीराम का चरित्र  हमें जीवन में सुख दुःख को धैर्य के साथ स्वीकार करने का  पाठ देता है। राम का जीवन हमेशा हर एक मोड पर धर्म और निष्ठा के साथ चलने का प्रेरणा देता है।

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