Friday, 8 June 2018

संस्कृत सीखो



image of samskrutham or sanskrit learning के लिए इमेज परिणाम




भारत में विभिन्न भाषाएं बोली जाती है। उन में से कही प्राचीन है।  संस्कृत उन में से एक है।  यह भाषा जैसे लिखी जाती है वैसे ही बोली जाती है।  यह भाषा न केवल सरल बल्की मधुर है।  इस प्राचीन भाषा को सीखने से बहुत फायदे है।।

किसी भी विषय पर अगर कोई पुराणी या पौराणिक जानकारी आवश्यक हो तो,  संस्कृत ग्रन्थों में पाया जा सकता है।  संस्कृत भाषा का अध्ययन करने से इस काम में सफल होंगे।  संस्कृत भाषा के अक्षर, शब्द स्पष्ट रूप से उच्चारण करने से मानसिक तथा शारीरिक विकास होगा।  संस्कृत को आसानी से सीखने के लिए और संस्कृत व्याकरण को समझने के लिए यू टियूब में Geervanee को देखिये।।

सब को संस्कृत सीखने का अवसर दे रहा है मानव विकास मन्त्रालय।  राष्ट्रिय संस्कृत संस्थान द्वारा अनौपचारिक  संस्कृत शिक्षण आयोजित किया जा रहा है।     दो साल पूरे करते हुए यह  संस्कृत शिक्षण कार्यक्रम तीस्री साल की ओर अग्रसर हो रहा है।  इस शिक्षण को पूरे करणे से राष्ट्रिय संस्कृत संस्थान द्वारा प्रमाणपत्र दिया जाता है।।

यह शिक्षण  देश भर में कही जगाहों पर स्कूल और कालेजों में राष्ट्रिय संस्कृत संस्थान द्वारा नियमित शिक्षक के द्वारा कक्षा चलाया जाता है। इस में सभी उम्र के लोग सीख सकते है।  इसे सीखने केलिए कोई भी योग्यता की जरूरत न ही है।  इस पाठ्यक्रम के लिए राष्ट्रिय संस्कृत संस्थान साल भर के लिए तीन सौ पचास रूप्या का शुल्क लेता है। यह सिर्फ किताबों और परीक्षा के लिए है।।

नीचे दिये गये जगाहों में अपने पास के केन्द्र को चुन कर संस्कृत  सीखें।  अस्साम, बीहार, छत्तीशघड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, गोवा, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्रा, ओडिशा, पञ्जाब, राजस्थान, तेलङ्गाना, त्रिपुरा, उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड, पश्चिम बेंगाल, तमिलनाडु,कर्नाटक, केरल आदि राज्यों में संस्कृत शिक्षण केन्द्र स्थापित है।

  दिन में दस बजे के बाद छात्रों के अनुकूल समय पर एक घंटे का कक्षा होगा।  हफते में पांच दिन। कक्षा जुलाई महीने में शुरू होकर अप्रेल महीने में परीक्षोयें होंगी।  यह पूरा पांच साल का शिक्षण है।  अनौपचारिक संस्कृत शिक्षण के बारे में, राष्ट्रिय संस्कृत संस्थान का सन्देश 
www.sanskrit.nic.in/2018_02_15_nfse_guide_english.pdf

में पूरी जानकारी पा सकते हैं। (nfsersks@gmail.com)


इस के अलावा NFSC के अधिकारी और राष्ट्रिय संयोजक

श्री रत्नमोहन् झा महोदय जी को संपर्क कर के अपनी जरूरत के अनुसार जानकारी पायीए।

(09868241551) 


संस्कृत भाषा और ग्रन्थों के बारें में जानने के लिए 

gocaram.blogspot.in के नीचे दिये गये blog post पढिये।।


http://gocaram.blogspot.com/2012/11/origin-and-
development-ofsanskrit.html



http://gocaram.blogspot.com/2017/06/vedic-texts-introduction-vedas-are.html



http://gocaram.blogspot.com/2017/09/best-reads-in-sanskrit.html


पठतु संस्कृतम्                              वदतु संस्कृतम्

No comments:

Post a Comment

The Soulful Joy of Eating on a Plantain Leaf: A Taste Beyond Tradition

        Some experiences go far beyond food. Eating on a plantain leaf is one of them. While it is often celebrated as a tradition, the re...